08
Aug
09

इम्तिहान की घड़ी

तो जैसा की पहले भी होता आया है आज फ़िर एक उबाऊ इम्तिहान की तैय्यारी के बीच में एक पोस्ट लिखा जाएगा| अब कोई नया विषय तो मिल नही रहा तो इम्तिहान पे ही ब्लॉग लिख देते हैं 🙂 | हिन्दुस्तानी में जिसे इम्तिहान कहते हैं उसका अंग्रेज़ी शब्द बड़ा अच्छा है examination अर्थात आपको examine किया जा रहा है| Laboratory के किसी चूहे या मेंडक की तरह आपका test या आपके ऊपर test किया जा रहा है जिसका जानलेवा नतीजा जल्द ही पता चल जाएगा |

Exam में भी अपने देश का कोई टक्कर नही है भाई | जब इम्तिहान का मौसम आता था तो मानो यूं लगता था की पूरी कायनात का exam है, दस कमरे छोड़ के भी कोई गाना चला रहा हो तो उसे बंद करा दिया जाता था| किताबों, कॉपियों और कलम का बाज़ार गरम हो जाता था और तमाम प्रकार के टोटके लगाये जाते थे, जैसे कौन सी shirt lucky है और कौन सी कलम करामाती| जिन्होंने ने कभी मेहनत कर मटकी न फोडी वो इम्तिहान फोड़ने की बात करते थे | गणित की परीक्षा न भी हो तो भीषण गणित लगती थी, किसने assignment में कितने अंक बना लिए हैं, अव्वल दर्जा पाने के लिए कितने और की जरूरत है| मेहनत करने का कोटा तो सीमित है तो किस विषय में कितना समय ख़राब किया जाए ऐसी ही रणनीतियों और अटकलों की गर्मी हर तरफ़ देखी जा सकती थी |

पर एक महाशय मेरे कमरे के करीब ही कहीं रहते थे और रोज परीक्षा को ‘फोड़ने’ के बजाये परीक्षा से फूट के आते थे और फूट फूट के linkin park का एक ही गाना बजाते थे – I tried so hard and got so far. अरे मियां हमे बताने की क्या जरूरत है हम कौन सा कद्दू में तीर मार के आते थे| जिन छात्रों ने साल भर कुछ पड़ लिया होता था उनकी मांग सेंसेक्स की तरह बढ जाती थी और मुहँ छोड़ सब रातें काली करने में जुट जाते थे |

स्कूल में तो इम्तिहान का सीधा हिसाब होता था की भाई कॉपी और किताब उठाओ पहले से आखरी chapter तक अभ्यास कर लो पर college में तो अलग ही रंग देखने को मिलते थे | विषय छोड़ के लोगों प्रोफ़ेसर के चरित्र और मनोविज्ञान का विश्लेषण करते थे | कौन सा प्रोफ़ेसर किस प्रकार के सवाल देता है उसके कैसे जवाब लिखने होंगे और यदि जवाब नही आते हो तो क्या लिखना चाहिए ये सब सोचने में पड़ने का वक्त किसे मिलेगा | सबसे बढ़िया छात्र होते थे जिन्होंने जन्म तो मनुष्य योनी में लिया पर आसार काम देव के वाहन की तरह थे – अर्थात तोता| एक महानुभाव तो एक धार में ऐसा रट्टा लगाते की शब्दों सहित comma, full stop. diagram number और यहाँ तक की appendix भी घोंट के पी जाते थे |

अब इस स्विस नगरी में भी इम्तिहान हैं, laboratory ke चूहे समान परीक्षण है पर हॉस्टल वाली वो बात नही है जहाँ आपको अपने साथी चूहों को इम्तिहान फोड़ते हुए देखकर कोफ्त हो सकती थी, या बगल वाले दडबे के चूहे की हालत देख कर आप ये सोच सकते थे की चलो चूहा दौड़ में मैं इसके तो आगे हूँ | छुरी के नीचे काटना तो है ही तो साथ में कौन कौन कैसे काटने वाला है ये जान के ढाढ़स बाँध नही पाता| तो बस इस ही बात पे एक पुराना गाना याद आ गया – “तुम पुकार लो”:

दिल बहल तो जाएगा इस ख्याल से
हाल मिल गया तुम्हारा अपने हाल से


0 Responses to “इम्तिहान की घड़ी”



  1. Leave a Comment

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s


Enter your email address to subscribe to this blog and receive notifications of new posts by email.

Join 22 other followers

Twitter_Nama

Random Ramblings Of the Passt

August 2009
M T W T F S S
« Jul   Sep »
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  

%d bloggers like this: