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नाम में क्या रखा है

अब मियाँ Shakespeare तो कह के टपक गए की “नाम में क्या रखा है“, खैर वो तो चीज़ों की अंदरूनी रूप के बारे में कह रहे थे की उनका नाम से कोई लेना देना नहीं है, किन्तु नामों का कुछ तो महत्त्व है | यदि शोले में डाकू का नाम गब्बर न रख के चम्पक भूमिया रखा जाता तो क्या आप उसके “ताप” से थर्राते ? या मुगैम्बो मुगैम्बो न हो कर यदि घंटाप्रसाद कहलाता तो क्या आप खुश होते?

तो नामों की बात से ही याद आया की बात है उस समय की जब हम पढाई-लिखाई पूरी करके निकले जॉब करने | भाई बबुआ जब बाबू बने तो बाबू लोगों के तौर तरीके भी आने चाहिए | Professional जगत में कैसे उठाना बैठना है ये भी पता होना चाहिए और नए नए लोगों से भी मिलना चाहिए जिसे networking कहते हैं | तो जॉब के शुरुआत के दिनों में सब नए नए रंगरूट (recruit) एक दूसरे से मिलते, तो हम को एक बंगाली बाबूमोशाय मिले | मिले तो मिले और झट से अपना हाथ आगे बड़ा के कड़क आवाज़ में बोले स्वागतम| हमें लगा वाह ये हाई, हल्लो की दुनिया छोड़ के कोई ultra देसी मिला है | हमने भी हाथ आगे बड़ा के हाथ से हाथ मिलाया और कड़क आवाज़ में जड़ दिया स्वागतम |

मज़े की बात हुई की बाबूमोशाय झेंप के बोले “दरअसल मेरा नाम स्वागतम है” | हसी की पटाखे तो खूब छूटे पर कहीं Shakespeare जनाब मिल जाये तो उन्हें स्वागतम से स्वागतम कराया जाये और पूछे क्यूँ चचा नाम में कुछ नहीं रखा?


6 Responses to “नाम में क्या रखा है”


  1. 1 divesh
    2010/01/26 at 4:31 pm

    Shakespeare ki aatma bhi ye padh ke muskuraayi to hogi 😀

  2. 2010/01/26 at 4:51 pm

    Aakhir unki is kahaavat bhi to unke naam se hi joda jata hai

  3. 3 Kapil
    2010/01/26 at 5:08 pm

    एक गाना सुनिए फिर तो इस सन्दर्भ में प्रासंगिक मालूम पड़ता है
    नाम गूम जायेगा… चेहरा ये बदल जायेगा… मेरी आवाज़ ही मेरी पहचान है अगर याद रहे तो…
    अमीन सायानी पर फिट बैठ रहा है 😀

  4. 2010/01/26 at 5:20 pm

    @कपिल : भाई हमारे दिलों में से तो अमीन साहब का नाम गुमने से रहा, नयी पीढ़ी कितना जानती है ये उनपे निर्भर करता है | हमें तो याद है गर्मियों के दिन में कूलर की ठंडी हवा में गरम गरम पराठे खाना और उनकी मधुर आवाज़ में गानों की announcement सुनना | अभी भी याद है सिबाका गीतमाला में शाहरुख़ खान का ऐसी दीवानगी १९ हफ़्तों तक अव्वल दर्जे पे रहा था 😀

  5. 5 rahitha
    2010/02/22 at 4:39 pm

    Mein apne liye naya naam soch rahi hoon 🙂


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