24
Feb
10

कहानी तीन कुक्कुर की

तो कुत्तों से हमारी fascination तो आप लोग अछे से जानते ही हैं | अब वो चाहे zurichpur के कुत्ते हो या फिर हिंदी सनीमा के | मित्र कपिल, नीरज और पारित के साथ बात चल रही थी अपनी मधुर माधुरी की मूवी ‘हम आपके हैं कौन’ की और बातों बातों में बात निकल आई उसमे दिखाए गए समझदार कुत्ते Tuffy की | तो देखने वाली बात ये है की आम ज़िन्दगी में तो कुत्ता इंसान का सबसे वफादार दोस्त है ही पर उसने फिल्मों में भी उसका साथ न छोड़ा | फिलहाल तो हमारे ज़ेहन में ३ कुत्ते आ रहे हैं तो लीजिये उनकी खूबियाँ :

Hutch वाला Pug: जो आपके अकेले बच्चे के सच्चा साथी बनेगा | खेलेगे, कूदेगा, लार लगा के envelope में stamp चिपकाने में मदद तो करेगा और tie छूट जाये तो वो भी ले आयेगा | ये सब तो ठीक है पर सड़ीमति मनेका गाँधी कहाँ थी जब Pug घुंघरू बांध मीरा नाची थी ?

हम आपके हैं कौन का Tuffy: Dog with Artificial Intelligence वही जो सबके मन की बात समझे लेता था और cricket expert भी था | जी हाँ जब करण जौहर अपनी “कुछ कुछ होता है” और “roadside romeo” की mixed veg “कूची कूची होता है” बना सकते हैं तो फिर सूरज बडजात्या पीछे क्यूँ रहे? उनको भी एक मूवी ठोंक देनी चाहिए – “हम आपके साथ साथ हैं कौन -एक विवाह”, जिसमे Tuffyपुत्र न सिर्फ cricket का स्कोर रखता है बल्कि यशपाल, मनिंदर से अछी commentary भी कर लेता है |

तेरी मेहेर्बानियाँ: हिंदी सनीमा में कुत्तों की बात छिड़े और इस महान महान मूवी के महान महारथी मोती की बात न छिड़े, घोर अन्याय होगा | यदि आप हिंदी फिल्म के हीरो होते हुए भी अपना बदला खुद न ले सके तो कोई नहीं एक कुत्ता ऐसा तो पाल लें जो आपकी तरफ से बदला ले ले | वैसे तो अभिषेक के पापा की भी एक मूवी आई थी मर्द (मर्द को कभी दर्द नहीं होता) | अरे वही वाली जिसमे दारा सिंह अपने नवजात शिशु की छाती पे bold, 36pt font में देवनागरी में लिख देते हैं मर्द! उसमे भी एक महान कुत्ता था जो तैर कर डूबते को बचा लेता था और अपना पंजा मूंह में लेकर सीटी भी बजा लेता था! पर तेरी मेहरबानियाँ वाले मोती का कोई तोड़ नहीं|


4 Responses to “कहानी तीन कुक्कुर की”


  1. 2010/02/24 at 11:59 am

    ….कहता टफी मुन्ने राजा तुम जीवन भर मुस्काना .. .धी ताना धी ताना धी ताना

  2. 2 VM
    2010/02/26 at 4:55 pm

    hehe…waise kukkar hi kyun hindi movie mein to anek janwaaron ka yogdaan raha jaise doodh ke karz mein saanp ka…..aur haathi mere saathi mein jahan haathi hero ke bachhe ko bachata hai aur unki tuti shaadi bhi jod deta hai….

    kukkar se yaad aaya ki kaash koi hamare divangat EB pe bhi philum banaye…

    • 2010/02/27 at 3:52 am

      !hehe, Hindi saneema mein jaanwaron aur insaanoN ki dosti ke kayi parcham gaade gaye hain jinme se kuchh ka example tumne sateek tareeke se diiya hai. Aur EB 😦 Yaar wo to thoda sensitive mamla ho gaya ;(

      @ALL: EB hamaare paas ke friends ke ghar ke paas rehne wale ek dost ka naam tha jisne kutte ke roop mein janm liya tha, EB ka fullform tha emotional blackmail. Kunki jab wo apni pyar bhari nazron se dekhta tha to koi bhi use pyar karne se mana nahi kar sakta tha, par ab wo is duniya mein nahi raha ;(


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